अगर आप रेलवे सेक्टर के स्टॉक्स पर नजर रखते हैं, तो टाइटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (TRSL) का नाम आपने सुना होगा। कंपनी अब फंड जुटाने की योजना बना रही है, जिससे इन्वेस्टर्स के मन में सवाल उठ रहा है: “क्या यह कदम कंपनी की ग्रोथ को नई रफ्तार देगा?” आइए, विस्तार से समझते हैं।

फंडरेजिंग प्लान क्या है?
टाइटागढ़ रेल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग 9 जुलाई 2025 को होनी है, जिसमें फंड जुटाने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। कंपनी निम्न तरीकों से फंड जुटा सकती है:
- प्रिफरेंशियल इश्यू (चुनिंदा निवेशकों को शेयर आवंटित करके)
- क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) (संस्थागत निवेशकों के माध्यम से)
- राइट्स इश्यू (मौजूदा शेयरहोल्डर्स को अतिरिक्त शेयर ऑफर करके)
हालांकि, इसके लिए रेगुलेटरी और शेयरहोल्डर्स की मंजूरी जरूरी है।
ऑर्डर बुक मजबूत
फंडरेजिंग से पहले कंपनी का ऑर्डर बुक देखें, जो भविष्य की संभावनाओं को दर्शाता है:
| मीट्रिक | मूल्य (करोड़ ₹ में) |
|---|---|
| कुल ऑर्डर बुक (मार्च 2025 तक) | 24,526 |
| टीआरएसएल का हिस्सा | 11,200 |
| जॉइंट वेंचर का हिस्सा | 13,326 |
हाल ही में, महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने कंपनी को पुणे मेट्रो के लिए 12 अतिरिक्त ट्रेन सेट्स की सप्लाई का ₹430.53 करोड़ का ऑर्डर दिया है। यह प्रोजेक्ट 30 महीने में पूरा होगा।
फाइनेंशियल हेल्थ
- Q4FY25 परफॉर्मेंस:
- नेट सेल्स: ₹1,005.57 करोड़ (सालाना 4.5% की गिरावट)
- नेट प्रॉफिट: ₹64.45 करोड़ (सालाना 18.4% की गिरावट)
- FY25 कुल परफॉर्मेंस:
- नेट सेल्स: ₹3,867.75 करोड़
- नेट प्रॉफिट: ₹276.39 करोड़
शॉर्ट-टर्म में गिरावट दिख रही है, लेकिन ऑर्डर बुक की मजबूती से लॉन्ग-टर्म रिकवरी की उम्मीद है।
मल्टीबैगर ट्रैक रिकॉर्ड
पिछले परफॉर्मेंस को देखें तो टाइटागढ़ रेल ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है:
- 3 साल में 800% का रिटर्न
- 5 साल में 2,390% की जबरदस्त ग्रोथ
अगर फंडरेजिंग से एक्सपेंशन होता है, तो भविष्य में और ग्रोथ की संभावना है।
क्या इन्वेस्टर्स को उत्साहित होना चाहिए?
फंड जुटाने का मतलब है कि कंपनी को ग्रोथ प्रोजेक्ट्स के लिए पूंजी चाहिए। अगर फंड का सही इस्तेमाल होता है, तो:
- नए ऑर्डर्स के लिए क्षमता बढ़ेगी
- कर्ज कम हो सकता है (अगर रिपेमेंट के लिए इस्तेमाल हो)
- अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा
हालांकि, शेयरहोल्डर्स के डायल्यूशन का जोखिम भी है। फाइनल डिसीजन के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
निष्कर्ष
टाइटागढ़ रेल का फंडरेजिंग प्लान सकारात्मक संकेत दे रहा है, खासकर ऑर्डर बुक की मजबूती को देखते हुए। शॉर्ट-टर्म में सेल्स में गिरावट को नजरअंदाज करते हुए लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पर फोकस करना चाहिए।






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