IREDA नहीं ₹50 के Solar Stock को अपोलो ग्रीन एनर्जी से मिला ₹913,00,00,000 का कॉन्ट्रैक्ट

Saurabh

अगर आपने Hazoor Multi Projects (HMPL) के शेयर पर पहले नजर नहीं डाली, तो शायद आप एक बड़ा मौका मिस कर चुके हैं! यह कंपनी हाल ही में चर्चा में है क्योंकि उसे Apollo Green Energy से 913 करोड़ रुपये का बड़ा EPC कॉन्ट्रैक्ट मिला है। साथ ही, कंपनी ने एक नई कंपनी (Vyom Hydrocarbon) में 51% हिस्सेदारी भी खरीदी है। चलिए, डिटेल्स में समझते हैंm।

50rs Solar Stock Got 9130000000 New Order

Hazoor Multi Projects

HMPL को Apollo Green Energy से 200 MW सोलर पावर प्लांट बनाने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह प्रोजेक्ट गुजरात के Khavda सोलर पार्क में बनेगा और मार्च 2026 तक पूरा होना है।

  • कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू: ₹913 करोड़
  • लोकेशन: गुजरात (GSECL सोलर पार्क)
  • काम: डिज़ाइन, सप्लाई, कंस्ट्रक्शन, टेस्टिंग

यह डील HMPL के ग्रोथ को एक नए लेवल पर ले जा सकती है, क्योंकि रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अभी बहुत स्कोप है।

Oil & Gas सेक्टर में एंट्री

HMPL ने Vyom Hydrocarbon Private Limited (VHPL) में 51% हिस्सेदारी खरीदी है। यह कंपनी ऑयल & गैस, माइनिंग और वेस्ट मैनेजमेंट में काम करती है।

  • डील वैल्यू: ₹1,02,000 (कैश डील)
  • फायदा: HMPL अब सिर्फ इंफ्रा से आगे बढ़कर एनर्जी सेक्टर में भी दखल देगी।

हालांकि, VHPL का अभी कोई टर्नओवर नहीं है, लेकिन यह स्ट्रैटेजिक मूव लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए हो सकता है।

फाइनेंशियल्स

HMPL की फाइनेंशियल हेल्थ कैसी है? आइए क्विक डिटेल्स में देखते हैं:

पैरामीटरFY25 (एनुअल)Q4FY25 (क्वार्टरली)
नेट सेल्स₹638 करोड़₹249 करोड़
नेट प्रॉफिट₹40 करोड़₹17 करोड़
मार्केट कैप₹866 करोड़
PE रेश्यो10xसेक्टोरल PE: 21x

क्या खास है?

  • DIIs (डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स) ने FY25 में 8 लाख से ज्यादा शेयर खरीदे।
  • डिविडेंड: बोर्ड ने ₹0.20 प्रति शेयर (20%) का फाइनल डिविडेंड दिया है।

स्टॉक परफॉर्मेंस

HMPL का स्टॉक पिछले कुछ सालों में रॉकेट स्पीड से उड़ा है:

  • 2 साल: 190% रिटर्न
  • 3 साल: 1,070% रिटर्न (हां, आपने सही पढ़ा!)
  • 5 साल: 30,000% (₹0.13 से ₹39.67 तक!)

PE रेश्यो (10x) सेक्टर AVG (21x) से कम है, जो इसे अंडरवैल्यूड भी बना सकता है।

क्या अब भी ग्रोथ का स्कोप?

  • इंफ्रा + सोलर + ऑयल & गैस – अब HMPL तीन सेक्टर्स में है।
  • गवर्नमेंट फोकस: सोलर और हाइड्रोकार्बन प्रोजेक्ट्स को सपोर्ट मिल रहा है।
  • DII इंटरेस्ट: बड़े इन्वेस्टर्स का कॉन्फिडेंस बढ़ा है।

रिस्क फैक्टर:

  • VHPL का कोई टर्नओवर नहीं, तो यह एक्सपेरिमेंटल मूव है।
  • सोलर प्रोजेक्ट में टाइमली डिलीवरी चैलेंज हो सकती है।

फाइनल वर्ड

HMPL ने पिछले कुछ सालों में शानदार परफॉर्मेंस दी है। नया ₹913 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट और ऑयल & गैस सेक्टर में एंट्री इसे और मजबूत बना सकती है। अगर आप मिड-टर्म या लॉन्ग-टर्म नजरिए से देख रहे हैं, तो यह स्टॉक वॉचलिस्ट में हो सकता है। हालांकि, शॉर्ट-टर्म वोलैटिलिटी के लिए तैयार रहें।

   
           
   
               
           

    

Leave a Comment