भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क्स में से एक है, जो रोजाना करोड़ों यात्रियों को सेवा प्रदान करता है। अब इसका आधुनिकीकरण हो रहा है, जिससे रेलवे से जुड़ी कंपनियों के स्टॉक्स में तेजी देखने को मिल रही है। इनमें Kernex Microsystems और HBL Engineering दो प्रमुख नाम हैं। आइए, इन दोनों कंपनियों के बिजनेस, फाइनेंशियल्स और ग्रोथ पोटेंशियल को समझते हैं।

Kernex Microsystems vs HBL Engineering
- केर्नेक्स माइक्रोसिस्टम्स (₹1,300.75 प्रति शेयर)
- पिछले एक साल में 247% का रिटर्न दिया है।
- पिछले एक महीने में 64% की बढ़त दर्ज की।
- शुक्रवार को 5% अपर सर्किट लगाकर ग्रीन में बंद हुआ।
- एचबीएल इंजीनियरिंग (₹591.05 प्रति शेयर)
- पिछले एक साल में 23% का रिटर्न दिया।
- पिछले महीने 17% चढ़ा, लेकिन शुक्रवार को 2% नीचे बंद हुआ।
केर्नेक्स ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है, जबकि एचबीएल का परफॉर्मेंस स्थिर लेकिन धीमा रहा।
बिजनेस मॉडल
- केर्नेक्स – केवल रेलवे सेफ्टी सिस्टम्स पर फोकस। इसमें कावाच, एंटी-कॉलिजन टेक्नोलॉजी और आईओटी सॉल्यूशंस शामिल हैं।
- एचबीएल – बैटरीज (इंडस्ट्रियल, डिफेंस) और रेलवे इलेक्ट्रॉनिक्स दोनों में मौजूद है।
सेगमेंट-वाइज रेवेन्यू (Q4 FY25)
| कंपनी | मुख्य राजस्व स्रोत (%) |
|---|---|
| केर्नेक्स | 100% रेलवे सेफ्टी |
| एचबीएल | 75% बैटरी, 12% इलेक्ट्रॉनिक्स, 10% डिफेंस |
केर्नेक्स का फोकस स्पष्ट है, जबकि एचबीएल का बिजनेस डायवर्सिफाइड लेकिन कम केंद्रित है।
किसके पास हैं ज्यादा ऑर्डर?
- केर्नेक्स के पास ₹2,124 करोड़ का ऑर्डर बुक है, जिसमें चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (CLW), साउथ ईस्टर्न रेलवे और ज्वाइंट वेंचर प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
- एचबीएल के पास ₹3,763 करोड़ के कावाच ऑर्डर हैं, और कंपनी FY26 तक ₹3,000 करोड़ का सेल्स टार्गेट रखती है।
एचबीएल का ऑर्डर बुक बड़ा है, लेकिन केर्नेक्स का फोकस्ड अप्रोच बेहतर लगता है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
- केर्नेक्स:
- Q4 में रेवेन्यू 822% बढ़ा (₹83 करोड़, पिछले साल ₹13 करोड़ के लॉस के मुकाबले)।
- FY25 में रेवेन्यू 200% CAGR से बढ़कर ₹190 करोड़ पहुंचा।
- P/E 40.8 (इंडस्ट्री औसत 31.4) – महंगा लेकिन ग्रोथ जस्टिफाई करता है।
- एचबीएल:
- Q4 में रेवेन्यू 22% गिरा, प्रॉफिट 44% कम हुआ।
- FY25 में रेवेन्यू 17% CAGR से बढ़कर ₹1,967 करोड़ हुआ।
- P/E 61.1 (इंडस्ट्री औसत 30.8) – अधिक महंगा लगता है।
केर्नेक्स का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस उम्दा है, जबकि एचबीएल संघर्ष कर रहा है।
क्या कहता है डेटा?
- केर्नेक्स – हाई रिस्क, हाई रिवार्ड। अगर रेलवे सेक्टर की ग्रोथ जारी रही, तो यह स्टॉक और आगे बढ़ सकता है।
- एचबीएल – स्थिर लेकिन धीमी ग्रोथ। डिफेंस और बैटरी सेक्टर में पोटेंशियल है, लेकिन अभी मोमेंटम कमजोर है।
सावधानी: स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव आम बात है। निवेश से पहले पूरी रिसर्च करें।






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