राधा-कृष्ण दमानी के FMCG Stock एक सबसे पसंदीदा रिटेल चेन DMart (Avenue Supermarts) ने Q1FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 16% बढ़ा, लेकिन प्रॉफिट मार्जिन पर कुछ दबाव दिखा। आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि DMart का यह क्वार्टर कैसा रहा और आगे क्या उम्मीद की जा सकती है।

Q1FY26 की मुख्य बातें
- रेवेन्यू: ₹16,360 करोड़ (पिछले साल के मुकाबले 16.2% की बढ़त)
- EBITDA: ₹1,299 करोड़ (मार्जिन 7.9%, पिछले साल 8.7% था)
- नेट प्रॉफिट: ₹773 करोड़ (लगभग फ्लैट, पिछले साल ₹774 करोड़)
- नए स्टोर्स: इस क्वार्टर में 9 नए स्टोर खुले, अब कुल स्टोर 424 हो गए हैं।
DMart की सेल्स तो बढ़ रही है, लेकिन FMCG सेक्टर में प्राइस वॉर और कुछ जरूरी सामानों की कीमतें कम होने (डिफ्लेशन) की वजह से मार्जिन पर असर पड़ा है।
पिछले क्वार्टर के मुकाबले कैसा प्रदर्शन?
| मेट्रिक | Q4FY25 (मार्च ’25) | Q1FY26 (जून ’25) | ग्रोथ |
|---|---|---|---|
| रेवेन्यू | ₹14,872 करोड़ | ₹16,360 करोड़ | 10% ↑ |
| ऑपरेटिंग प्रॉफिट | ₹955 करोड़ | ₹1,299 करोड़ | 36% ↑ |
| नेट प्रॉफिट | ₹551 करोड़ | ₹773 करोड़ | 40% ↑ |
| EPS | ₹8.47 | ₹11.88 | 40% ↑ |
महत्वपूर्ण बिंदु: मार्च क्वार्टर की तुलना में जून क्वार्टर में कंपनी ने प्रॉफिट में 40% की उछाल दिखाई। हालांकि, साल-दर-साल (YoY) ग्रोथ धीमी रही।
मैनेजमेंट ने क्या कहा?
DMart के CEO नेविल नोरोन्हा ने बताया:
- डिफ्लेशन का असर: राशन (दाल, चावल, आदि) और गैर-खाद्य सामानों की कीमतें कम होने से रेवेन्यू ग्रोथ पर 100-150 bps का प्रभाव पड़ा।
- मार्केट कॉम्पिटिशन: FMCG कंपनियों के बीच प्राइस वॉर की वजह से ग्रॉस मार्जिन पर दबाव बना हुआ है।
- एक्सपेंशन प्लान: 9 नए स्टोर खोलकर DMart ने अपने लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पर भरोसा जताया है।
DMart की मजबूत बुनियादी बातें
- डेट-फ्री कंपनी: किसी तरह का कर्ज नहीं, बैलेंस शीट मजबूत।
- लो-कॉस्ट मॉडल: ग्राहकों को कम दाम पर बेहतर प्रोडक्ट्स देने की रणनीति।
- एक्सपेंशन जारी: 400+ स्टोर के साथ भारत के नए मार्केट्स में पैठ बढ़ा रहा है।
निष्कर्ष
शॉर्ट-टर्म में मार्जिन पर दबाव है, लेकिन DMart का बिजनेस मॉडल और एक्सपेंशन प्लान लॉन्ग-टर्म में इसे मजबूत बनाए रख सकता है। अभी शेयर ₹4,100 के आसपास ट्रेड कर रहा है, निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल्स को ध्यान से देखना चाहिए।





